Hello दोस्तो आज हम आपको एक ऐसी फसल के बारे में जानकारी बताने जा रहे हैं , जिसको आप अन्य फसलों के साथ साथ खेतों में इसे भी बो सकते हैं और अच्छा खासा मुनाफा भी कमा सकते हैं , इस फसल को हम गुलखैरा कहते है  यह एक नकदी फसल है यानी किसान इसकी खेती   पैसा कमाने के लक्ष्य से ही करता हैं । और एेसी फसल की खेती से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ जाती है । अगर आप कोई एेसी फसल की जानकारी ढूंढ रहे हैं ,जो आप की आय में वृद्धि कर या आप ज्यादा पैसा कमाना चाहते है तो आप इस पोस्ट के माध्यम से इस खेती के बारे में अच्छे से समझ सकते है। 

  • गुलखैरा की खेती कर, कुछ ही महीनों में करे लाखो की कमाई

आज के समय में सभी लोग कुछ एेसी खेती करना चाहते है जिससे उसे कुछ अधिक मुनाफा हो सके , एेसी ही औषधीय गुणों वाले पौधे की फसल की पूरी जानकारी देने वाले है जिसका जड़ , तना , पत्तियां बीज सबकुछ बाजार में बिक जाता हैं ।यह एक गुलखैरा की खेती ( Gulkhaira Farming ) के बारे में है। Subsistence Farming जिन किसानों ने इसकी खेती की वह मालामाल हो रहे है , गुलखैरा की खेती ( Gulkhaira Farming ) की खास बात यह है कि यह खेती किसी भी फसल के बीच किया जा सकता है , जिससे किसानों को मुनाफा अधिक होता है । गुलखैरा का इस्तेमाल सबसे ज्यादा दवाइयों में किया जाता है । जिससे गुलखैरा के फूल की खेती से किसान आसानी से अधिक कमाई कर सकते हैं ।

  • कमाई कितनी हो सकती है ?

गुलखैरा की खेती ( Gulkhaira Farming ) की कितनी कमाई हो सकती हैं खबरों के अनुसार गुलखैरा बाजार में 1 क्विंटल आसानी से 10,000 रुपये में बिक जाता है , जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं किसान इस खेती से कितना पैसा कमा सकता हैं।

  • फसल के लिए कितने जगह चाहिए ?

गुलखैरा की खेती के लिए 1 बीघे में 5 क्विंटल तक गुलखैरा की फसल उगाय सकते है , इसका मतलब कि आप 1 बीघे में गुलखैरा की खेती कर के 50000 रुपये तक आसानी से कमा सकते हैं ,किसान गुलखैरा की एक फसल एक बार लगने के बाद भी आप उसी के बीजों को दोबारा बुआई कर के दोबारा फसल कर सकते हैं , इसके लिए आपको फिर बीज खरीदने की जरुरत नहीं होती है , गुलखैरा की फसल को सर्दियों की शुरुआत में यानी नवंबर के महीने के आसपास की जाती है , यह फसल अप्रैल-मई तक तैयार हो जाते है , तैयार होने पर फसल की पत्तियां और तने सूख कर खेतों में गिर जाते हैं , किसानों द्वारा इसे भी एकत्रित कर बाजार में बेचा जाता है , ये कई साल तक सुखा कर रखा जा सकता हैं और यह खराब भी नहीं होते है।

  • कहां होता है इसका इस्तेमाल 

गुलखैरा के फूल एवं पत्तियों और तनों का इस्तेमाल बहोत से  दवाइयां एवं मर्दाना ताकत की दवाएं बनाने में किया जाता है. इसके अलावा भी सर्दी खांसी व अन्य रोगों के लिए इसका उपयोग किया जाता है , इसके फूल से बनी दवाएं फायदेमंद होती है।

  • पड़ोसी देशों में सबसे अधिक खेती

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में गुलखैरा के फूल की खेती सबसे अधिक होती है , और अब यह भारत में भी इसकी खेती का चलन बढ़ रहा है , जिससे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ( Rural Farming ) किसान गुलखैरा के फूल की खेती कर रहे हैं।

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